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Tuesday, February 24, 2015

बर्डमैन....Oscar Best Picture - 2015...The unexpected virtue of Film-Making...


Birdman or (The Unexpected Virtue of Ignorance)

बर्डमैन का पोस्टर
नाम पढ़ते ही उत्सुकता हो जाती है इस फ़िल्म के बारे में...ऑस्कर की दौड़ में कई उम्दा फिल्मों को पछाड़ कर इस फ़िल्म ने सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का ऑस्कर जीता। आखिर क्या खास था इस एकदम अलग नाम वाली फ़िल्म में? 
ये बात करने से पहले बात करते है बाकी फिल्मों की,



American Sniper
2015 के सर्वश्रेष्ठ फिल्म के ऑस्कर नामांकन
नामांकित फिल्मों में सबसे ज्यादा कमाने वाली और शायद सबसे ज्यादा विवादास्पद और बाक़ी फिल्मों में से सबसे कमज़ोर। इसके ना जीतने के बहुत से कारण है, जिनमे सबसे बड़ा कारण है इसका युद्ध फ़िल्म होना। युद्ध फ़िल्में ऑस्कर की पसंदीदा रही है, लेकिन इस फ़िल्म में भी वही सब था जो सेविंग प्राइवेट रयान और प्लाटून में था। युद्ध का असर सैनिक पर और उसके बाद उसे देश का हीरो बना देना। सिनेमा की भाषा में कहे तो अमेरिकन स्नाइपर अमेरिकी राष्ट्रवाद का क्लीशे थी।

Boyhood
रिचर्ड लिंकलेटर जिनकी हर फ़िल्म में कुछ नया होता है और boyhood तो उन सब में सबसे खास थी। 12 साल तक हर महीने शूट करना और एक-एक कलाकार का अभिनय। इस फिल्म में वक़्त के साथ अलग-अलग उम्र के अभिनेताओं से काम लेने की जगह, उन्हीं अभिनेताओं के साथ 12 साल तक लगातार, एक ही कहानी को शूट किया गया। Boyhood सिर्फ एक फिल्म नहीं एक डायरी की तरह थी, जिसमे हम सबके बचपन से लेकर लड़कपन की कहानी थी। Birdman को सबसे कड़ी टक्कर देने वाली फ़िल्म अगर कोई थी, तो वो थी Boyhood।
इसके ना जीतने का एक ही कारण हो सकता है, कि ये उन्नीस नहीं थी पर Birdman इक्कीस थी जो दर्शकों और जूरी को एक अलग ही दुनिया में ले गयी।

Theory of Everything
इस फ़िल्म में वो सब कुछ था जो इस से पहले बनी बायोपिक में था। सबसे नज़दीकी फ़िल्म थी डेनियल डे लेविस की My Left Foot जिसके लिए डेनियल को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर मिला और जैसा कि Eddie Redmayne को इस फ़िल्म के लिए मिला। फ़िल्म में कोई कमी नहीं थी वैसी ही थी जैसी बायोपिक होनी चाहिए लेकिन इस फ़िल्म का स्तर American Sniper से ऊपर होने के साथ इसकी समस्या भी वही थी, बायोपिक क्लीशे...

The Imitation Game
ऑस्कर नामांकित सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में नंबर तीन। एलान टूरिंग की बायोपिक...अभिनय से लेकर निर्देशन तक लाजवाब। इस फ़िल्म के बारे में यही कहना है की ये उन उम्दा फिल्मों में से है, जिन्हें जूरी अनदेखा करती है।

SELMA 
ये एक ऐसी फ़िल्म थी, जिसे सिर्फ इसलिए नामांकित किया गया था की जूरी पर रंगभेद के आरोप ना लगे। हर तरह से औसत फ़िल्म। निर्देशन, अभिनय और एडिटिंग सब कुछ औसत। ये फ़िल्म बताती है कि असल जिंदगी से मिलती जुलती शक्ल वाले अभिनेताओं को लेने से अभिनय उस दर्जे का नहीं हो जाता। इस फ़िल्म में अगर कोई अच्छी बात थी तो वो थी GLORY  शीर्षक का एक गीत।
बर्डमैन का रेखाचित्र

WHIPLASH 
कौन कह सकता है की ये फ़िल्म एक नये निर्देशक की पहली फ़िल्म है? शुरू से आखिर तक बांधे रखने वाली,
SIMMONS का अद्भुत अभिनय। पार्श्व संगीत और एक उम्दा कहानी, जो कहीं बोर होने नहीं देती है। ये फ़िल्म कमज़ोर पड़ी तो बस एक मामले में, वो है कि इस तरह की फ़िल्में ऑस्कर फेवरेट नहीं होती और दूसरा कारण है BIRDMAN ।

BIRDMAN ने सिनेमा की एक विधा भी नहीं छोड़ी जिसमे वो कमजोर पड़ी हो

THE GRAND BUDAPEST HOTEL
एक खूबसूरत पेंटिंग अगर परदे पर जीवंत हो उठे तो वो भी शायद इस फ़िल्म जितनी खूबसूरत नहीं दिखेगी। एक एक फ्रेम, किसी पेंटिंग से कम नहीं है। WES ANDERSON की दुनिया में, रंगो से कैसे खेला जाता है ये शायद उनसे बेहतर कोई नहीं जानता। लेकिन ये फिल्म ना केवल तकनीकी रूप से कमाल की है बल्कि अभिनय निर्देशन संगीत हर मामले में बेमिसाल है। इस फ़िल्म के पिछड़ने का सिर्फ और सिर्फ एक कारण है, जो है इसका कॉमेडी फिल्म होना।

और अब आखिर में इस साल की विजेता

BIRDMAN

बर्डमैन के एक दृश्य में माइकल कीटन
Alejandro González Iñárritu द्वारा लिखी और निर्देशित की हुयी BIRDMAN एक अलग ही दुनिया में ले जाती है। एक भुला दिए अभिनेता की तड़प वापस अपनी पहचान बनाने के लिए...जो आज भी अपने बीते हुए कल से लड़ रहा है। MICHAEL KEATON का अद्भुत अभिनय और अल्फ्रेड हिचकॉक की ROPE के बाद शायद पहली बार इतना उम्दा कैमरा वर्क और एडिटिंग। ऐसा लगता है की पूरी फ़िल्म एक शॉट में शूट की गयी है। जैसे जैसे Keaton का किरदार चलता है उसके साथ साथ दर्शक भी, फ़िल्म की लय में बहता जाता है। अगर Grand Budapest Hotel सेल्युलाइड पर पेंटिंग है, तो ये फ़िल्म एक ऑर्केस्ट्रा है जो धीरे धीरे गति पकड़ता है और दर्शक को उस लेवल पर ले जाता है जहाँ BIRDMAN और दर्शक एक हो जाते है।  Alejandro González Iñárritu ने मेटाफोर्स और सिम्बोलिस्म का बेहतरीन इस्तेमाल किया है और Keaton से उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ अभिनय कराया। उनके अलावा हर एक सपोर्टिंग कास्ट का अभिनय भी अव्वल दर्जे का था
चाहे वो Emma Stone हो या Edward Norton।
ये फ़िल्म जीते गए चारोँ ऑस्कर तो डीजर्व करती थी पर उसके अलावा बेस्ट एडिटिंग में भी ऑस्कर जीतने लायक थी, जो इसे नहीं मिला।
और अंत में
अगर SELMA की जगह NIGHTCRAWLER को नामांकित किया जाता तो मुकाबला कुछ और दिलचस्प होता...


योगेश पारीक

इस ब्लॉग के लेखक, योगेश पारीक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, जो अब पूर्णकालिक फिल्म दर्शक हैं। योगेश फिल्में देखते, ओढ़ते और बिछाते हैं...उसके अलावा न तो कोई बात करते हैं और न ही सुनते हैं। इनसे charlie.alreich@gmail.com या फिर https://www.facebook.com/charlie.alreich?fref=ts पर सम्पर्क कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे...सिर्फ फिल्मों की ही बात करें...ज़्यादा फालतू बातें इन्हें पसंद नहीं!




चलिए लगे हाथ बर्डमैन का ट्रेलर भी देख लीजिए....


4 comments:

किसी ने कहा था...

Photography is truth. The cinema is truth twenty-four times per second.
फोटोग्राफी सत्य है। सिनेमा, सच के 24 फ्रेम प्रति सेकेंड हैं।
जीन-लुक गोदार्द